खुद जानें, लड़का होगा या लड़की – केरल ज्योतिष

आप एक मामले में तो बड़े-बड़े ज्योतिषियों को फेल कर ही सकते हैं। अक्सर घर में, पड़ौस में, नाते-रिश्तेदारी में कोई महिला गर्भवती होती है तो सबको जिज्ञासा होती है कि उसके लड़का होगा या लड़की। हम फटाफट किसी न किसी ज्योतिषी के पास जाते हैं और उसकी भविष्यवाणी का बड़ी उत्सुकता से सही होने का इंतजार करते हैं। अक्सर ज्योतिषी का कहा इस मामले में सही नहीं होता।

लेकिन एक विधि ऐसी भी है कि आप घर बैठे ही आसानी से पता लगा सकते हैं कि कोई महिला गर्भवती है या नहीं, यदि है तो उसके लड़का होगा या लड़की। तो शुरू करें वह चमत्कारी तरीका, जो यह बताता है कि कोई महिला गर्भवती है या भी या नहीं, और है तो उसके लड़का होगा या लड़की। यह विधि है केरल की। इसलिए इसे कहते हैं केरल प्रश्न ज्योतिष।

सूत्र-1-आपकी भाभी, बहन या कोई महिला गर्भवती है भी कि नहीं, यह जानने के लिए दिन की संख्या लिखें (ए), इसे तीन से गुणा करें। अब इसमें तिथि की संख्या जोड़ें (बी) = कुल अंक (सी), इसमें दो का भाग दें। यदि एक बचे तो महिला गर्भवती है, शून्य बचे तो गर्भवती नहीं है।

उदाहरण-मान लीजिए कि किसी ने सोमवार को सवाल किया है और उस दिन अमावस के पहले की द्वादशी है। तो इसका इस तरह योग करेंगे। सोमवार के लिए संख्या 2×3=6+27 कृष्णा 12 (15+12) कुल अंक 33/2, बचा एक, यानि महिला गर्भवती है।

अच्छी तरह समझ लें कि हमेशा रविवार की संख्या एक होगी। दिन कोई हो, उसकी गिनती रविवार से करें, जैसे कि गुरुवार है किसी दिन तो उस दिन का अंक होगा पांच। इसी तरह उपरोक्त उदाहरण में कृष्ण पक्ष की द्वादशी ली गयी है, इसकी गिनती होगी कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से। इसका अंक होगा एक और कृष्ण द्वादशी है तो पूरनमासी तक के पंद्रह अंक और इसके बाद द्वादशी तक के बारह अंक। इस तरह कुल अंक होंगे 27.

अब पता लगाते हैं कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की। इसके लिए इनकी संख्या जोड़ें-

दिन+तिथि+नक्षत्र+योग+गर्भवती स्त्री के नाम के अंक, अब इसमें 7 का भाग दें। यदि 1,3,5 संख्या बचे तो लड़का गर्भ में पल रहा है और 2,4,6 बचे तो गर्भ में लड़की पल रही है। याद रखिए कि नक्षत्र 27 होते हैं। हमेशा अश्विनी नक्षत्र से गिनती शुरू करनी है और इसका एक नंबर लेना है। अंतिम नक्षत्र रेवती होता है. जिसका नंबर होता है 27. इसी प्रकार योग भी 27 होते हैं। पहला योग होता है विषकुंभ, इसका नंबर है 1, और

अंतिम योग है वैधृति, इसका नंबर है 27, इसी प्रकार नाम के नंबर हिंदी नाम के ही लेने हैं। जैसे नाम है भारती तो इसके अंक हुए 3, दिन सोमवार 2+ तिथि 27(कृष्ण 12 )+ नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी 12+ योग वैधृति 27+ गर्भवती का नाम (भारती) 3=71/ 7, शेष बचा 1, इसका मतलब है कि उसके लड़का होगा।

मेरे पास एक सज्जन आए और पत्नी के गर्भ के बारे में पूछने लगे। उनका कहना था कि वह इसलिए चिंता में हैं कि पिछली बार का गर्भ गिर गया था। उन्होंने पत्नी का नाम मीरा बताया। मैंने तत्काल गणना की। यह 27 जुलाई 2013 की बात है। दिन शनिवार 7+21 (तिथि कृष्णा 6) + 26 नक्षत्र (उत्तरा भाद्रपद)+7 योग (सुकर्मा)+2 मीरा नाम के अंक। कुल अंक हुए 63/7, लिहाजा सात का भाग देने पर शून्य बचा।

मैंने कहा कि बच्चे का बचना मुश्किल है। आप अपने डाक्टर से सलाह लें। उन्होंने बताया कि डाक्टर ने भी ऐसा ही बताया है। कुछ दिन बाद पता कि उस महिला का फिर से एबार्शन हुआ है।

लेखक – प्रबोध पुरोहित

संतान के लिंग निर्धारण के विषय में ज्‍योतिष कभी घोषणा नहीं करता है। ज्‍योतिष की यह गणना मात्र एक संकेत की तरह ही होती है, इसके अनुसार अधिकतम संभावना के बारे में बताया जा सकता है, लेकिन न तो इसे अंतिम माना जाना चाहिए और न ही किसी प्रकार के निर्णय के लिए इस सलाह को काम में लिया जा सकता है। लिंग निर्धारण के बजाय संतान की संभावना के संबंध में सवाल पूछा जा सकता है।

Ask your Prashna Click here

पुत्र सं‍तति अथवा पुत्री होने के संबंध में एक और शोध