तुला राशि Tula Rashi Libra Sign

तुला राशि (Tula Rashi Libra Sign) के जातकों की मनोदशा का केवल यही वर्णन नहीं है कि ये लोग संतुलन साधने में दक्ष होते हैं। भारतीय जनतंत्र में आज जिस व्‍यक्ति की छाप सबसे बड़ी है वह तुला राशि का ही जातक था। मैं बात कर रहा हूं महात्‍मा गांधी की। बाजार में अपनी तुला लिए खड़े व्‍यक्ति के रूप में तुला राशि को दिखाया गया है। विचारों से सम और हर बात को पूरी तरह तौलकर देखने वाला जातक तुला राशि का होगा।

इस राशि पर शुक्र का आधिपत्‍य है, इस कारण तुला राशि के जातकों को बनने संवरने, संगीत, चित्रकारी और बागवानी जैसे शौक होते हैं। इसके बावजूद रचनात्‍मक आलोचना और राजनैतिक चातुर्य इन जातकों का ऐसा कौशल होता है कि दूसरे लोग इनसे चकित रहते हैं। वणिक बुद्धि के कारण वाद विवाद में पड़ने के बजाय समझौता करने में अधिक यकीन रखते हैं। इन जातकों का शरीर दुबला पतला और अच्‍छे गठन वाला होता है। चेहरा सुंदर भी न हो तो मुस्‍कान मोहक होती है। इन जातकों को विपरीत योनि वाले सहज आकर्षित करते हैं।

तुला की खासियत संतुलन बनाए रखना है, ये अपने काम और घर के बीच ऐसा शानदार संतुलन बनाते हैं कि कभी घर की बात ऑफिस में और ऑफिस की बात घर तक नहीं लेकर आते, चाहे कितना भी तनाव क्‍यों न चल रहा हो। ये आमतौर पर अपने परिवार को पसंद करने वाले और परिवार के साथ क्‍लाविटी समय बिताने वाले लोग होते हैं। इन्‍हें अपना घर इतना पसंद होता है कि ये ऑफिस से छूटते ही सीधे घर की ओर भागते हैं। अगर इनके घर पर इनसे कोई प्रोफेशनल कार्य की बातचीत भी करना चाहे तो ये इसकी अनुमति नहीं देंगे।

हालांकि इन जातकों की शारीरिक संरचना सुदृढ़ होती है, लेकिन रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण बीमारियों की पकड़ में जल्‍दी आते हैं। साझीदार के साथ व्‍यापार करना इनके लिए ठीक रहता है। जातक उचित समय पर सही सलाह देता है। ऐसे में साझेदार भी ज्‍यादातर फायदे में रहते हैं। एक बार मित्र बना लें तो हमेशा के लिए अच्‍छे मित्र सिद्ध होते हैं। इन जातकों का पंचमेश शनि होता है। इस कारण तुला लग्‍न के जातकों के अव्‍वल तो संतान कम होती है और अधिक हो भी जाए तो संतान का सुख कम ही मिलता है। इनके लिए शुभ दिन रविवार और सोमवार बताए गए हैं। शुभ रंग नारंगी, श्‍वेत और लाल तथा शुभ अंक एक व दस हैं।