पेंट से लाएं परिवर्तन paint can change your destiny

हम हमेशा से देखते आए हैं कि देवी-देवताओं के चित्र में उनके मुख मंडल के पीछे एक आभामंडल बना होता है। यह आभा मंडल हर जीवित व्यक्ति, पेड़-पौधे आदि में निहित होता है। इस आभामंडल को किरलियन फोटोग्राफी से देखा भी जा सकता है। यह आभामंडल शरीर से 2″ से 4″ की दूरी पर दिखाई देता है। इससे पता चलता है कि हमारा शरीर रंगों से भरा है।

हमारे शरीर पर रंगों का प्रभाव बहुत ही सूक्ष्म प्रक्रिया से होता है। सबसे उपयोगी सूर्य का प्रकाश है, इसके अतिरिक्त हमारा रंगों से भरा आहार, घर या कमरों के रंग, कपड़े के रंग आदि भी शरीर की ऊर्जा पर प्रभाव डालते हैं। रंगों की इसी माया पर इलाज की एक पद्धति ‘रंग चिक्तिसा’ आधारित है। मनोरोग संबंधी मामलों में भी इस चिक्तिसा पद्धति का अनुकूल प्रभाव देखा गया है।

सूर्य की किरणों से हमें सात रंग मिलते हैं। सूर्य से मिलने वाले सात रंग हैं-लाल, नारंगी, पीला, हरा, आसमानी, नीला और जामुनी। इन्हीं सात रंगों के मिश्रण से लाखों रंग बनाए जा सकते हैं। विभिन्न रंगों के मिश्रण से दस लाख तक रंग बनाए जा सकते हैं, लेकिन सूक्ष्मता से 378 रंग ही देखे जा सकते हैं।

हर रंग की एक तासीर होती है। गर्म और ठंडा। हरे, नीले, बैंगनी और इनसे मिलते-जुलते रंगों का प्रभाव वातावरण में ठंडक का एहसास कराता है। वहीं दूसरी ओर पीले, लाल व इनके मिश्रण से बने रंग वातावरण में गर्मी का आभास देते हैं। इन्हीं रंगों की सहायता से वस्तुस्थिति तथा प्रभावों को भ्रामक भी बनाया जा सकता है।

-यदि कमरे में रोशनी कम आती है तो इस तरह के कमरे में ऐसे रंगों का प्रयोग करें, जो आपको ठंडक दे। जैसे- हरा, नीला, स्लेटी आदि।

-यदि कमरे में रोशनी कम आती हो तो इस तरह के रंगों का प्रयोग करें, जिससे अंधेरा और न बढ़ने पाये। यहां सफेद, गुलाबी, हल्का संतरी, हल्का पीला, हल्का बैंगनी रंगों का प्रयोग करें। यह रंग कमरे में चमक भी लाएंगे।

-छोटे कमरे को बड़ा दिखाने के लिए छत को सफेद रंग से रंग दें।

-जिन कमरों की चौ़ड़ाई कम हो, उन्हें बड़ा दिखाने के लिए दीवारों पर अलग-अलग रंग करें। गहरे रंग छोटी दीवारों पर एवं हल्के रंग लंबी दीवारों पर करें।

-यदि छोटा डिब्बेनुमा कमरा है तो उसे बड़ा दिखाने के लिए उसकी तीन दीवारों पर एक रंग और चौथी दीवार पर अलग रंग करें।

-दीवारों पर प्राकृतिक रंग या वाटर बेस रंग करें। सिन्थेटिक पेन्ट जो दीवारों को बिल्कुल सील कर दें, वह ठीक नहीं रहते।
रंगों का चुनाव बहुत से पहलुओं पर निर्भर करता है। प्रकाश की उपलब्धता, अपनी पसंद, कमरों का साईज आदि। कभी-कभी सही रंग का चुनाव जीवन को एक महत्वपूर्ण घुमाव दे देता है और कई बार अपने लिए विपरीत रंगों के प्रयोग से हम अनजाने ही मुसीबतों को बुलावा दे देते हैं। तो अब जीवन में आगे बढ़ने की एक सही राह आपके सामने है। अपने लिए लाभप्रद रंग को चुनें और जीवन का पूरी तरह से आनंद लें।