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बने रहेंगे शिवराज सिंह चौहान

नवंबर महीने में मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। हम वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन्म कुंडली से यह जानने की कोशिश करते हैं कि आने वाले चुनाव में उनकी हैसियत क्या रहने वाली। क्या वह भाजपा को फिर से सत्ता में ला पाएंगे और क्या वह फिर से मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे? यह है उनकी डिटेल –


नाम: शिवराज सिंह चौहान
जन्म तारीख: गुरुवार, मार्च 05, 1959
जन्म समय: 12:00:00
जन्म स्थान: सेहोर
Longitude: 77 E 8
Latitude: 23 N 12
Time Zone: 5.5


यहां सवाल उनके मुख्यमंत्री बने रहने का है तो यहां हम उनके लग्न चार्ट (D-1), नवमांश (D-9) और दशमांश (D-10) कुंडली का विश्लेषण करेंगे। हमें उनकी कुंडली में लग्न, तीसरा भाव (साहस और इच्छाशक्ति), छठा भाव (प्रतियोगी सामर्थ्य और विरोधी पर विजय) , 10 वां भाव (कर्म, जीतने की शक्ति) और and 11 वां भाव (उपलब्धि और इच्छापूर्ति)।

लग्न कुंडली और नवमांश (D-1 and D-9) का विश्लेषण: पहले और छठे भाव का स्वामी शुक्र उच्च का होकर बुध के साथ 11 वें भाव में है। उसके साथ पंचम और दूसरे भाव का स्वामी बुध भी है, जो लक्ष्मी नारायण योग भी बना रहा है।

बुध नीच का है, लेकिन उच्च के शुक्र के साथ नीच भंग राज योग बन गया है। कुंडली में केतु का प्लेसमेंट शुभ नहीं है।नवमांश में शुक्र धनु राशि में और बुध सिंह राशि में है। अतः शुक्र और बुध दोनों ही शुभ हैं और अच्छे स्थान पर बैठे हैं। पंचम स्वामी बुध और लग्न स्वामी शुक्र की युति ने उनका प्रेम विवाह कराया और दो प्यारे बच्चे हासिल कराए हैं।

पहले और छठे भाव के स्वामी शुक्र के 11 वें भाव में होने से विरोधियों पर उनको हमेशा विजय हासिल होती रही है। तीसरे भाव का स्वामी चंद्र नवम भाव ( भाग्य एवं धर्म स्थान) में है, यह भी उनकी कुंडली में शुभ स्थिति है। लेकिन चंद्रमा शत्रु मकर राशि में होने से उन्हें मानसिक पीड़ा और विवाद गिफ्ट में मिलते रहते हैं। राजनीति में तीसरे भाव का स्वामी मुख्य होता है और यह राजनैतिक संवाद बनाता रहता है। शुक्र, बुध के साथ केतु और पंचम भाव में राहु प्रसिद्धी स्थायी सफलता में उत्पन्न करते हैं।

दशम भाव का स्वामी शनि अष्टम भाव में है, यह सफलता देरी से दिलाता है, लेकिन शनि यहां स्थायित्व का भी संकेत कर रहा है। दशम भाव में सूर्य का होना उनकी राजनैतिक सफलता के लिए बहुत अच्छा है। बारहवें भाव का स्वामी मंगल का लग्न में होना, उनके वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं है, लेकिन यह जातक के साहस को बढ़ा रहा है और बाहरी सहयोग की ओर संकेत कर रहा है।

सप्तम गुरु सप्तम व आठवें के शनि को मंगल देख रहा है, यह उनके मार्ग में बाधायें और कलंकित किए जाने की ओर इशारा कर रहा है।

दशमांश कुंडली का विश्लेषण

In दशमांश कुंडली में कन्या लग्न उदित हो रही है और पहले व दशम भाव का स्वामी बुध पंचम भाव में शुभ है। इसकी वजह से शिवराज सिंह चौहान ने अपने कैरियर को आगे बढ़ाने के लिए सटीक और योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाए हैं, जिनकी वजह से उन्हें प्रसिद्धी व सफलता मिलती आ रही है।

तीसरे भाव का स्वामी मंगल दशम भाव में आकर बड़ा ही अच्छा है, जिसकी वजह से उनके लिए मुकबला करने की भावना हमेशा रहती है। राहु का तीसरे स्थान में होना भी एक राजनैतिक व्यक्ति के लिए हमेशा शुभ होता है। जातक में पर्याप्त मात्रा में साहस बना रहता है।

दशा एवं गोचर का विश्लेषण

वर्तमान में उनकी गुरु-राहु की दशा चल रही है। कुंडली में गुरु 8 वें और दसवें भाव का होकर सप्तम में है, जो मित्र है। गुरु उन्हें कुछ बाधाओं और समस्याओं के बीच आकस्मिक लाभ दिलाने के संकेत कर रहा है।

Rahu placed in 5th house and aspected by 2 beneficial planets , Venus and Mercury, Rahu will obviously do good for him, He will be going under Jup-Rah-Ven Dasha up to 21-nov -2013 and Jupiter Rah-Sun Dasha up to 4-jan -2014, so overall All Dasha lord rae supporting him .

Transit of Jupiter in Gemini in his 2nd house will be good as Jupiter aspects 6th (Competive), 8th (Sudden gain ) and 10th (Karma, efforts) houses so Jupiter transit will do good for him.

Saturn Transit in 6th house in libra is mixed for him as Saturn will do good in 6th house and aspects on 8th house can give him some losses and Saturn 10th aspect on 3rd house will be good for courageous efforts.

After this analysis we can say, Shivaraj ji can maintain his position with some gain in coming Madhya Pradesha Election.