भविष्यवाणी एकदम सही साबित हुई success prediction

(कनक बोसमिया जी ने यह आलेख केपी एस्ट्रो साइंस को 9 सितम्बर को ही प्रकाशन के लिए भेज दिया था. एडवांस में की गयी उनकी यह भविष्यवाणी एकदम सही साबित हुई. यह एडवांस ज्योतिष और कनक जी की केपी ज्योतिष में निपुणता का परिचायक भी है.)

मैंने देख ली थी धामी की धमक

सवाल: डांस प्रतियोगिता झलक दिखला जा-6 के 14 सितंबर 2013 को होने वाले फाइनल राउंड में क्या प्रतियोगी द्रष्टि धामी के विजयी होने का कोई योग है?

होररी नंबर: 87 (1 से 249 )
प्रश्न तारीख: 09-09-2013 सोमवार
प्रश्न समय: 09-42-51 शाम
स्थान: कांकरिया, अहमदाबाद
Long/Lat: 23°N00′, 72°E36′.
अयमांश: 230.57′.29″

नियम: गायन प्रतियोगिता का अर्थ है कि वही एकमात्र प्रतिभागी जीतेगा, जिसे नृत्य ज्ञान की उचित परख होगी। नृत्य के लिए पंचम कस्प को देखते हैं। यदि पंचम कस्प का उपस्वामी पंचम (क्रियेटिविटी, एबिलिटी, कैपेबिलिटी), दशम कस्प (योग्यता/ कार्यसिद्धि), 11 (इच्छापूर्ति) का सूचक हो तो सफलता मिलती है।

द्रष्टि धामी के लिए जानते हैं तो-पंचम कस्प (धनु 040.14’.21”):पंचम कस्प का उप स्वामी चंद्रमा है। चन्द्रमा, राहू के नक्षत्र और गुरु के उप में है। चंद्रमा बारहवें भाव का स्वामी होकर तीसरे भाव में स्थित है। चन्द्रमा के नक्षत्र में कोई ग्रह नहीं है। और चन्द्रमा पहले कस्पल का उप स्वामी है |

एक और पांच कस्प का उप स्वामी चन्द्र है. नक्षत्र स्वामी राहू तीसरे भाव में स्थित है. राहू, चन्द्र, शुक्र और शनि के साथ है. 3 और 10 भाव का स्वामी शुक्र तीसरे भाव मैं है. 6 और 7 का स्वामी शनि भी तीसरे भाव मैं है. 5 और 8 का उप स्वामी गुरु 11 भाव मैं है. इस तरह चन्द्र 5, 10 और 11 वे भाव का निर्धारक है.

प्रतिद्विन्दी लोरेन दूसरी सबसे ज्यादा अंक पाने वाली प्रतिभागी हैं. उनके बारे मैं जानते हैं.

कस्प 5 (मिथुन 040.14’.21”): पांचवें कस्प का उप स्वामी शुक्र, शुक्र मंगल के नक्षत्र और अपने ही उप में है |शुक्र चौथे और नवम का स्वामी होकर नौवे भाव में स्थित है. नक्षत्र स्वामी मंगल तीन और दस का स्वामी होकर छठे भाव में स्थित है. शुक्र दसम भाव का सूचक है, जो हुनर/परिपूर्णता, कार्यसिद्धि/उपलब्धि, अधिकार का भाव है.

यद्धपि दोनों ही प्रतिभागियों का पंचम कस्प सकारात्मक परिणाम इंगित करता है, लेकिन कौन विजेता होगा और कौन उप विजेता, यह जानने के लिए हम 14 सितम्बर 2013 का संयुक्त दशा समय देखेंगे.

द्रष्टि धामी के लिए संयुक्त दशा समय: जिस समय इस प्रतियोगिता का समापन होगा, 14-सितम्बर 2013 को संयुक्त दशा स्वामी होंगे
राहू- गुरु-सूर्य-गुरु. दशा स्वामी राहू अपने ही नक्षत्र में और शुक्र के उप में है. राहू तीसरे भाव में स्थित है. राहू चंद्रमा, शुक्र और शनि के साथ है, चंद्रमा बारहवें भाव का स्वामी होकर तीसरे में स्थित है. चन्द्रमा के नक्षत्र में कोई ग्रह नहीं है और चंद्रमा एक और पांच कस्प का उप स्वामी है.

शुक्र तीन और दस भाव का स्वामी होकर तीसरे भाव में स्थित है. शनि छठे और सातवें कस्प का स्वामी होकर तीसरे भाव में स्थित है. अतः दशा स्वामी राहू पांच और दस कस्प को सूचित कर रहा है, यानि कि दशा जीत की तरफ इशारा कर रही है.

भुक्ति-सूक्ष्म स्वामी गुरु अपने ही नक्षत्र और अपने ही उप में है. गुरु पंचम और आठ कस्प का स्वामी होकर एकादश भाव में स्थित है और भुक्ति-सूक्ष्म स्वामी गुरु एकादश भाव का सूचक है. एकादश भाव इच्छापूर्ति का है, सो भुक्ति-सूक्ष्म जीत की ओर इशारा कर रहे हैं.

अंतर स्वामी सूर्य शुक्र के नक्षत्र में है और शनि के उप में है. सूर्य पहले कस्प का स्वामी होकर उसी में स्थित है. नक्षत्र स्वामी शुक्र तीन और दस का स्वामी होकर तीसरे कस्प में स्थित है. उप स्वामी शनि छह-सात कस्प का स्वामी होकर तीसरे भाव में स्थित है. अतः अंतर स्वामी सूर्य दस भाव का सूचक है, इसलिए अन्तर्दशा भी विजय का संकेत कर रही है.

विरोधी प्रतियोगी लारेन का संयुक्त दशा समय: जिस समय इस प्रतियोगिता का समापन होगा 14-सितम्बर -2013 को, संयुक्त दशा स्वामी होंगे राहू-गुरु -सूर्य-गुरु.

दशा स्वामी राहू अपने ही नक्षत्र और शुक्र के उप में है. राहू नवम भाव में स्थित है और चंद्रमा, शुक्र और शनि के साथ है. चंद्रमा छठे भाव का स्वामी होकर नौवे भाव में स्थित है. चन्द्रमा के नक्षत्र में कोई ग्रह नहीं है और चन्द्रमा सात और ग्यारह का कस्प उप स्वामी है. अतः दशा स्वामी जीत का संकेत कर रही है.

भुक्ति-सूक्ष्म स्वामी गुरु अपने ही नक्षत्र और अपने ही उप में है. गुरु दो और ग्यारह भाव का स्वामी होकर पांचवे भाव में स्थित है. अतः भुक्ति-सूक्ष्म स्वामी गुरु पांच और ग्यारह को सूचित कर रहे है, सो भुक्ति-सूक्ष्म स्वामी भी जीत का संकेत दे रहे हैं.

अंतर स्वामी सूर्य शुक्र के नक्षत्र में और शनि के उप में है. सूर्य सप्तम का स्वामी होकर सप्तम में ही स्थित है. नक्षत्र स्वामी शुक्र चार और नौ का स्वामी होकर नौवें भाव में स्थित है. उप स्वामी शनि बारह और एक का स्वामी होकर नौवें भाव में स्थित है. अतः अंतर स्वामी सूर्य 5-10-11 को बिलकुल भी सूचित नहीं कर रहा है. अतः अंतर दशा जीत का संकेत नहीं दे रही है.

मेरा मत: विरोधी प्रतिभागी का अंतर स्वामी 5-10-11 को बिलकुल भी सूचित नहीं कर रहा है, अतः झलक दिखला जा-6 की विजेता द्रष्टि धामी ही होंगी.

 – कनक बोसमिया