सिंह राशि Simha Rashi Leo Sign

सिंह राशि (Simha Rashi Leo Sign) से प्रभावित जातकों पर सूर्य का प्रभाव है। अग्नि तत्‍व की यह राशि शुष्‍क, पुरुष, धनात्‍मक और स्थिर है। चंद्र, मंगल और गुरु सूर्य के मित्र होने के नाते सिंह में आने पर मित्रक्षेत्री होते हैं और शनि, शुक्र और बुध शत्रुक्षेत्री। सिंह राशि के जातकों की हड्डियां उन्‍नत होती हैं, कंधे और माथा चौड़े होते हैं। ये जातक बैठे हुए ठिगने दिखाई देते हैं। इसका कारण यह है कि इनका धड़ छोटा और टांगें लम्‍बी होती हैं। जब ये उठकर खड़े होते हैं और औसत से अधिक कद के होते हैं। जिन जातकों की कुण्‍डली में सूर्य और गुरु की अच्‍छी युति होती है वे परपीड़ा को समझने में कामयाब होते हैं।

चिकित्‍सकों और बेहतर प्रशासकों की कुण्‍डली में यह योग प्रमुखता से दिखाई देता है। सूर्य का प्रभाव होने से जातक अपने आध्‍यात्मिक उत्‍थान का अपने स्‍तर पर प्रयास करते हैं। इसी कारण सिंह राशि वाले जातक जंगलों या वीराने अथवा पहाड़ों में अकेले घूमते हुए देखे जा सकते हैं। इनका संगीत, नाटक और खेल से लगाव होता है। ये स्‍पष्‍ट वक्‍ता, उन्‍मुक्‍त और निष्‍पक्ष होते हैं। न क्षुद्र व्‍यवहार करते हैं और न दूसरों का ऐसा व्‍यवहार बर्दाश्‍त कर पाते हैं। इसी कारण समूह में इनकी भूमिका सदैव नेतृत्‍व की ही रहती है। ये सामान्‍यता उच्‍च पद अथवा समाज में ऊंचा दर्जा पाने का प्रयास करते नजर आते हैं। इनके लिए साख ही सबकुछ है इसलिए साख बढ़ाने के लिए निरन्‍तर प्रयत्‍नशील रहते हैं। इनके लिए रविवार का दिन शुभ है, सोमवार को धन का व्‍यय होता है और मंगलवार को बड़ी सफलताएं प्राप्‍त करते हैं। बुधवार को भाग्‍य साथ देता है। शनिवार को धोखा खाते हैं। शुभ रंग नारंगी है और शुभ अंक एक। माणिक और पन्‍ना पहनने से भाग्‍य में बढ़ोतरी होती है।

  1. मघा के प्रथम चरण का मालिक केतु-मंगल है, जो जातक में दिमागी रूप से आवेश पैदा करता है।
  2. द्वितीय चरण के मालिक केतु-शुक्र है, जो जातक में सजावटी और सुन्दरता के प्रति भावना को बढाता है।
  3. तीसरा चरण केतु-बुध के अन्तर्गत आता है, जो जातक में कल्पना करने और हवाई किले बनाने के लिये सोच पैदा करता है,
  4. चौथा चरण चन्द्र-केतु के अन्तर्गत आता है, जो जातक में की जाने वाली कल्पना शक्ति का विकास करता है।
  5. पूर्वाफ़ाल्गुनी नक्षत्र का प्रथम चरण शुक्र-सूर्य के सानिध्य में जातक को स्वाभाविक प्रवॄत्तियों की तरफ़ बढाता है।
  6. दूसरा चरण सुन्दरता का बोध करवाने में सहायक होता है।
  7. तीसरा चरण सुन्दरता के प्रति मोह देता है और कामुकता की तरफ़ भेजता है।
  8. चौथा चरण जातक के द्वारा किये गये वादे को क्रियात्मक रूप मे बदलने में सहायता करता है।
  9. उत्तराफ़ाल्गुनी नक्षत्र का प्रथम चरण जातक में अपने प्रति स्वतन्त्रता की भावना भरता है, और जातक को किसी की बात न मानने के लिये बाध्य करता है।

सिंह राशि शाही राशि मानी जा्ती है, सोचना शाही, करना शाही, खाना शाही, और रहना शाही। इस राशि वाले लोग बात के पक्के होते हैं, अपनी मर्यादा मे रहना, और जो भी पहले से चलता आया है, उसे ही सामने रख कर अपने जीवन को चलाना, इस राशि वाले व्यक्ति से सीखा जा सकता है। सिंह राशि वाला जातक जब किसी के घर जाएगा, तो वह किसी के द्वारा दिये जाने वाले आसन की आशा नही करेगा, वह जहां भी उचित और अपने लायक आसन देखेगा, जाकर बैठ जाएगा। वह जो खाता है वही खायेगा, अन्यथा भूखा रहना पसंद करेगा। वह आदेश देना जानता है, किसी का आदेश उसे सहन नही है, जिस किसी से प्रेम करेगा, उसके मरते दम तक निभाएगा, जीवन साथी के प्रति अपने को पूर्ण रूप से समर्पित रखेगा, अपने व्यक्तिगत जीवन में किसी का आना इस राशि वाले को कतई पसंद नही है, और सबसे अधिक अपने जीवन साथी के बारे में वह किसी का दखल पसंद नही कर सकता है।

इस राशि के जातकों की वाणी और चाल में शालीनता पायी जाती है। इस राशि वाले जातक सुगठित शरीर के मालिक होते हैं। नॄत्य करना इनकी आदत होती है, अधिकतर इस राशि वाले या तो बिलकुल स्वस्थ रहते है, या फ़िर आजीवन बीमार रहते हैं। जिस वारावरण में इनको रहना चाहिये, अगर वह न मिले, इनके अभिमान को कोई ठेस पहुंचाये, या इनके प्रेम मेम कोई बाधा आए, तो यह लोग अपने मानसिक कारणों से बीमार रहने लगते है। इस राशि के लोगों के लिये ह्रदय रोग,धडकन का तेज होना, लू लगना और संधिवात ज्वर होना आदि।


Leo Sign

Leo (♌) is the fifth astrological sign of the zodiac, originating from the constellation of Leo. Leo is a fixed sign along with Taurus, Scorpio, and Aquarius. Under the tropical zodiac, under the sidereal zodiac, the Sun currently transits this area from approximately August 16 to September 15. The symbol of the lion is based on the Nemean lion, a lion with an impenetrable hide. It is a northern sign and its opposite southern sign is Aquarius. According to Western astrological beliefs, Leos are usually at bay with Aries, other Leos and Sagittarius. Leos often are best suited with the opposing sign Aquarius and others such as Cancer, Scorpio and Taurus.