Author: Astrologer Sidharth

शनि : लाल किताब के अनुसार Prediction for Saturn in house in Hindi according to Lal Kitab

शनि : लाल किताब के अनुसार Prediction for Saturn in house in Hindi according to Lal Kitab शनि : लाल किताब के अनुसार : वैदिक ज्‍योतिष में घटनाओं का समय ज्ञात करने के लिए हमारे पास विंशोत्‍तरी दशा होती है, इसी प्रकार पश्चिमी ज्‍योतिषी प्रोग्रेस्‍ड होरोस्‍कोप का इस्‍तेमाल करते हैं। परन्‍तु लाल किताब इन दोनों ही पद्धतियों का इस्‍तेमाल नहीं करती। लाल किताब के अनुसार हर साल आपकी कुण्‍डली के ग्रह अपना स्‍थान बदलते रहते हैं। ऐसे में आपको अपने हर जन्‍मदिन पर एक नई कुण्‍डली बनानी होती है, उसे वर्षफल कुण्‍डली कहा जाता है। उस वर्ष ग्रह किस...

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बुध : लाल किताब के अनुसार Prediction for Mercury in house in Hindi according to Lal Kitab

बुध ग्रह – प्रभाव और उपाय बुध सौरमंडल का सबसे छोटा और सूर्य के सबसे निकट स्थित ग्रह है। यह व्यक्ति को विद्वता, वाद-विवाद की क्षमता प्रदान करता है। यह जातक के दांतों, गर्दन, कंधे व त्वचा पर अपना प्रभाव डालता है। बुध, सौर मंडल के आठ ग्रहों में सबसे छोटा और सूर्य से निकटतम है। बुध हरे का रंग शीतल और नम ग्रह है। ज्योतिष और वैदिक ग्रंथों में, बुध को एक कोमल ग्रह के रूप में देखा जाता है या कह सकते हैं कि चंद्रमा के गुण रखने वाला ग्रह है। इसके अलावा, बुध को चंद्रमा का पुत्र भी कहा जाता है।...

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विवाह संबंधित अन्य योग Other Yogas related to marriage

विवाह संबंधित अन्य योग Other Yogas related to marriage कुण्डली में ग्रहों के अच्छे योग होने पर जल्दी विवाह (marriage) की उम्मीद रहती है जबकि विवाह से सम्बन्धित भाव एवं ग्रह पर अशुभ ग्रहों का प्रभाव होने पर शादी देर से हो सकती है। कुण्डली में शुक्र सप्तम भाव में स्वगृही हो, द्वितीय भाव में लग्न द्वारा दृष्ट हों तो व्यक्ति का विवाह यौवनावस्था में होने के योग बनते है। जब किसी व्यक्ति की कुण्डली में गुरु सप्तम भाव में स्थित हों तथा किसी शुभ ग्रह से दृ्ष्टि संम्बन्ध बना रहे हों अथवा सप्तम में उच्च का हों तो...

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विवाह : योग, विलंब और समय ज्ञात करने के लिए बिंदूू

विवाह : योग, विलंब और समय इस लेख में हम बिदुवार जानेंगे कि विवाह होने के प्रबल योग कौनसे हैं, विवाह में विलंब होने के ज्‍योतिषीय कारण क्‍या क्‍या हो सकते हैं और विवाह के समय का मोटे तौर पर निर्धा‍रण किस प्रकार किया जा सकता है। बिंदुवार विश्‍लेषण से हम विवाह के योग, विवाह में हो रहे विलंब और विवाह के समय को ज्ञात कर सकते हैं। विवाह योग के मुख्‍य कारक सप्तम भाव का स्वामी खराब है या सही है वह अपने भाव में बैठ कर या किसी अन्य स्थान पर बैठ कर अपने भाव को देख...

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वास्‍तु दोष भी हो सकते हैं विवाह में देरी का कारण

वास्‍तु दोष भी हो सकते हैं विवाह में देरी का कारण आजकल अनेक अभिभावक अपने बच्चों की शादी-विवाह को लेकर बहुत परेशान-चिंतित रहते हें और पंडितों तथा ज्योतिर्विदों के पास जाकर परामर्श-सलाह लेते रहते है किन्तु क्या कभी आपने सोचा की विवाह में विलंब के कई कारण हो सकते हैं? इनमे से एक मुख्य कारण वास्तु दोष भी हो सकता है। यदि आप भी अपनी संतान के विवाह बाधा देरी की वजह से चिंतित हैं तो इन वास्तु दोषों पर विचार करें- जिन विवाह योग्य युवक-युवतियों का विवाह नहीं हो पा रहा हें उनको उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में...

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